गांव हरयोली में बीते बुधवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जब गांव के बीचों-बीच गुजर रही बिजली की एक मुख्य तार अचानक जल गई। समय रहते ग्रामीणों ने स्थिति को संभाला और तुरंत बिजली विभाग के रायपुररानी सब-डिवीजन को सूचना दी। जिसके बाद बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तार को जोड़कर मरम्मत कर दी गई। लेकिन मरम्मत के नाम पर की गई जल्दबाजी ने गांव को एक ओर नई मुसीबत में डाल दिया। कर्मचारियों ने बिजली की तारों को इतनी नीचे बांध दिया कि वे अब लोगों की सिर की ऊंचाई के पास लटक रही हैं। कई जगहों पर तारें इतनी नीची हैं कि अगर कोई ऊंचा आदमी हाथ उठाए तो तार छू सकता है। इससे बच्चों, बुजुर्गों, और मवेशियों के लिए खतरा लगातार बना हुआ है। जबकि ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग के कर्मचारी लगातार उन्हें झूठे आश्वासन देते रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। हालांकि, गुरुवार से लेकर रविवार तक, यानी चौदह दिनों से ग्रामीणों ने कई बार बिजली विभाग से संपर्क किया, लेकिन अभी तक समस्या जस की तस बनी हुई है। हर गुजरते दिन के साथ लोगों का डर और गुस्सा बढ़ता जा रहा है। जानकारी देते हुए अंकित, संदीप धीमान, मनीष, लखवीर सिंह और देव खान ने बताया कि विभाग की लापरवाही से अब गांव में बिजली की जगह डर फैल गया है। बच्चे घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं और ग्रामीण भी इन तारों के नीचे से गुजरने से कतरा रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन तारों को सही ऊंचाई पर नहीं बांधा गया और सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई, तो यदि कोई हादसा होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी एसडीओ और जेई की होगी। फिलहाल, अब देखना यह है कि चौदह दिन से आंख मूंदे बैठे विभाग कब जागेगा और क्या कोई ठोस कदम उठाया जाएगा या फिर कोई बड़ी दुर्घटना ही उन्हें कार्रवाई के लिए मजबूर करेगी?
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