चंडीगढ़ दिनभर, अजीत झा: चंडीगढ़ क्राइम थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 1.3 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में मुंबई से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।यह कार्रवाई एसपी साइबर क्राइम गीताांजलि खंडेलवाल के निर्देशन में डीएसपी ए. वेंकटेश और साइबर एसएचओ इंस्पेक्टर एरम रिज़वी के नेतृत्व में की गई।पकड़े गए आरोपी की पहचान मुंबई निवासी 34 वर्षीय जॉशुआ ऑस्कर नेविस के रूप में हुई है।
कैसे हुई ठगी
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसे व्हाट्सऐप पर एक संदेश मिला। भेजने वाले ने खुद को उसका नियोक्ता बताकर नए प्रोजेक्ट के लिए एडवांस पेमेंट मांगा। पीड़ित ने बिना शक किए आरोपी के आईसीआईसीआई बैंक खाते में 1.3 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में उसे अहसास हुआ कि यह पूरी तरह से ठगी थी।
मुंबई में छापा मारकर आरोपी को दबोचा
मामले की जांच करते हुए साइबर क्राइम पुलिस टीम ने 13 अगस्त 2025 को मुंबई में छापा मारकर आरोपी जॉशुआ को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह टेलीग्राम के जरिए एक शख्स के संपर्क में आया था, जिसने उसे किसी और व्यक्ति से मिलवाया। उसी को उसने अपना बैंक अकाउंट किट, चेकबुक, डेबिट कार्ड और रजिस्टर्ड सिम सौंप दिया था।
फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी गैंग और किन-किन साइबर अपराधों में शामिल रहा है।
धोखाधड़ी कॉल से सावधान रहें
साइबर क्राइम थाना ने कहा कि यदि कोई कॉल करने वाला खुद को रिश्तेदार, कूरियर एजेंट, नारकोटिक्स या पुलिस अधिकारी बताता है, तो यह फर्जी कॉल है। ऐसे मामलों में कभी भी पैसे ट्रांसफर न करें। चाहे कारण बताया जाए वेरिफिकेशन, गिरफ्तारी से बचने या झूठे केस को निपटाने का। संदिग्ध कॉल आने पर तुरंत सत्यापित करें। नज़दीकी पुलिस थाने से संपर्क करें। या साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।







