चंडीगढ़ दिनभर, अजीत झा: बठिंडा में तैनात जज के नाम पर 30 लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में फंसे हाईकोर्ट के नामी वकील जतिन सलवान और बिचौलिए सतनाम सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सीबीआई ने सोमवार को दोनों आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जिला अदालत में पेश किया, जहां अदालत ने उनकी न्यायिक हिरासत 14 दिन और बढ़ाकर अब 1 सितंबर तक कर दी है। दोनों को सीबीआई ने 14 अगस्त को गिरफ्तार किया था।
तलाक केस में मांगी थी 30 लाख की रिश्वत
सीबीआई के मुताबिक दोनों एक तलाक के केस में रिश्वत मांग रहे थे। फिरोजपुर निवासी हरसिमरनजीत सिंह ने शिकायत दी थी कि उसकी बहन का केस बठिंडा की अदालत में लंबित है।आरोप है कि एडवोकेट सलवान ने उसके हक में फैसला करवाने का दावा करते हुए 30 लाख रुपये की मांग की। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
पहले भी जेल जा चुके हैं सलवान
एडवोकेट जतिन सलवान का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। साल 2016 में चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें एक मामले में गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उस समय बिजनेसमैन सुखबीर सिंह शेरगिल के ड्राइवर को 2.6 किलो अफीम और 15 लाख रुपये की जाली करेंसी के साथ पकड़ा था। जांच में सामने आया कि शेरगिल को फंसाने की साजिश में एडवोकेट सलवान भी शामिल थे। इस मामले में उन पर एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था। फिलहाल यह केस हाईकोर्ट में विचाराधीन है और सलवान जमानत पर बाहर हैं।







