Tuesday, December 9, 2025

नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की…………

रायपुररानी, देवेन्द्र सिंह: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर रायपुररानी क्षेत्र भक्ति, उल्लास और आस्था से सराबोर हो गया। जैसे ही रात के बारह बजे घंटे-घड़ियाल की गूंज उठी, मंदिरों में श्रीकृष्ण के जन्म का उल्लास हर कोने में महसूस हुआ। ऐसा प्रतीत हुआ मानो स्वयं ब्रजधाम रायपुररानी में उतर आया हो। इस अवसर पर रामकुंडी आश्रम में महंत महामंडलेश्वर अशोकदास जी महाराज के सान्निध्य में भव्य धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला शुरू हुई। आश्रम को फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया था और संतों के भजनों ने वातावरण को इतना भावविभोर कर दिया कि श्रद्धालु नृत्य करने लगे। जैसे ही शंखनाद हुआ, भक्तों ने नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल के जयकारों से आकाश को गुंजायमान कर दिया।

इस वर्ष रामकुंडी आश्रम में एक विशेष आयोजन के रूप में मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसने श्रद्धालुओं और दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। इस दौरान श्रीकृष्ण के बाल लीलाओं की याद ताजगी से भरते हुए युवाओं की टोलियों ने मटकी फोड़ने के लिए उत्साहपूर्वक भाग लिया। जबकि ऊंचाई पर लटकी मटकी तक पहुंचने के लिए युवाओं ने मानव पिरामिड बना कर अपनी ताकत, टीम भावना और समर्पण का अद्भुत प्रदर्शन किया। जैसे ही मटकी फूटी, दही और रंगों की वर्षा ने माहौल को और भी उल्लासमय बना दिया। इस आयोजन ने श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का प्रत्यक्ष अनुभव कराया और बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने इसका आनंद लिया।

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झांकियों की सुंदर सजावट ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए: इसी बीच, पक्का तालाब स्थित श्री राधा-कृष्ण मंदिर में स्वामी सत्यमुनि महाराज द्वारा आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर परिसर में झांकियों की सजावट इतनी भव्य थी कि लोग बस निहारते रह गए। श्रीकृष्ण के बाल रूप में सजे बच्चों ने कार्यक्रम में रंग भर दिया। जबकि भजन संध्या में यशोमती मैया से बोले नंदलाला जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूमते हुए समा बांधने लगे।

मंदिरों में रात भर लगा रहा श्रद्धालुओं का तांता: इसके अलावा, प्राचीन शिव मंदिर नजदीक आईटीआई और नीमवाला राधा-कृष्ण मंदिर सहित क्षेत्र के अन्य मंदिरों में भी रात्रि 12 बजे विशेष पूजा-अर्चना की गई। इसके साथ ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय जैसे ही मंदिरों में आरती आरंभ हुई, पूरा रायपुररानी रोशनी और आस्था की लौ से जगमगा उठा। हालांकि, जन्माष्टमी के इस पर्व ने यह साबित कर दिया कि जब बात नंदलाल की हो, तो हर दिल अपने आप झूम उठता है। आस्था, उमंग और भक्ति का ऐसा संगम पूरे वर्ष में शायद ही कभी देखने को मिलता हो। रायपुररानी में बीती रात सचमुच कृष्णमय हो गई।

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